Rahul Kumar / Udantak.in
नवंबर 1989, कराची के खेल मैदान में भारत-पाकिस्तान टेस्ट मैच के दौरान पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ वसीम अकरम के सामने संघर्ष करता एक 16 साल का लड़का कौन जान रहा था कि जब भी भारतीय क्रिकेट का पन्ना पलटा जाएगा, उसका नाम पहले पढ़ा जाएगा। हाँ, हम बात कर रहे हैं सचिन तेंदुलकर की, जिन्होंने अपने सुंदर करियर में रिकॉर्ड्स की ऐसी लड़ी लगा दी कि आज गली में या गाँव के खेत में बनी पिच पर खेल रहा हर लड़का उन्हें ही अपना पहला आदर्श मानता है।

सचिन तेंदलुकर (फोटो सोर्स- आईसीसी)
आज उसी तरह की कहानी फिर लिखती नज़र आ रही है। बिहार के सुदूर इलाकों की गलियों और खेत के मेड़ों से बने मैदानों में खेलते-खेलते एक नया सितारा उभरकर देश के बड़े खेल मैदानों में लाखों दर्शकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। हाँ, हम बात कर रहे हैं आज के समय में इंटरनेट के एल्गोरिदम और ‘गूगली बॉल’ की तरह घूमती रीलों में छाए सबसे कम उम्र के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की। उनकी उम्र मात्र 15 साल है, और जब वे मैदान पर आते हैं, तो गेंद को इस तरह भेदते हैं कि वह दर्शकों की आँखों से ओझल हो जाती है।
चल रहे आईपीएल के एक मैच में, 8 अप्रैल मंगलवार को राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच गुवाहाटी में मुकाबला खेला गया। बारिश के कारण मैच 11-11 ओवर का हो गया। टी20 के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ों में गिने जाने वाले जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने छक्का जड़ दिया। उस क्षण ने जैसे समय को थाम लिया सपना हकीकत बन चुका था।
सूर्यवंशी ने उस मैच में 14 गेंदों पर 39 रन बनाए। दिलचस्प बात यह रही कि एक कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था “अगर मुझे मौका मिला, तो मैं बुमराह की पहली गेंद पर छक्का मारूँगा।” आज वह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, और उनके धुआँधार अंदाज़ का कद लगातार बढ़ता जा रहा है।

Vaibhav Suryavanshi has 151 runs from three IPL matches this season
11 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने 26 गेंदों पर सात छक्कों और आठ चौकों की मदद से 78 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस पारी में उनकी बल्लेबाज़ी ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की पूरी रणनीति ध्वस्त कर दी। उनके तूफ़ानी शॉट्स के सामने जॉश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज़ भी बेबस नज़र आए।
देश के नामी-गिरामी चेहरे भी अब इस उभरते सितारे की चमक से अभिभूत हैं। शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर सूर्यवंशी की तारीफ़ करते हुए लिखा, “आह! वैभव सूर्यवंशी आउट हो गए। विराट कोहली ने कैच लिया। अब शायद बाकी काम करने का समय है… जैसे ट्वीट करना!”
उन्होंने आगे लिखा, “युवा सूर्यवंशी का तेजी से उभरना सच में अद्भुत है। 15 साल के इस खिलाड़ी को क्रीज़ पर देखना खेल के बदलते रूप की एक शानदार मिसाल है। उनकी बैट स्पीड, कमाल की टाइमिंग और दमदार शॉट्स सब कुछ देखने लायक है। वह सिर्फ क्रिकेट नहीं खेल रहे, बल्कि नई पीढ़ी के लिए बल्लेबाज़ी की परिभाषा बदल रहे हैं। जब भी वह स्ट्राइक पर होते हैं, तो जैसे पूरी दुनिया ठहर जाती है। मैं खुद हर गेंद देखने के लिए सब कुछ छोड़ देता हूँ। हम अपनी आँखों के सामने एक दुर्लभ और असाधारण प्रतिभा को उभरते देख रहे हैं वाकई रोमांचक!”
पूर्व स्पिनर आर. अश्विन ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी जिस तरह बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, मन करता है कि वे हर आईपीएल टीम के लिए खेलें। मैं उन्हें हर दिन बल्लेबाज़ी करते देखना चाहता हूँ। ऐसा लगता है कि वे आउट ही न हों, बस लगातार खेलते रहें उन्हें देखना ही आनंद है। किसी भी टीम में, किसी भी फ़ॉर्मेट में, यहाँ तक कि टेस्ट क्रिकेट में भी, उन्हें हर जगह खिलाया जाना चाहिए।”
वहीं वीरेंद्र सहवाग ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी की 300 स्ट्राइक रेट वाली पारी अविश्वसनीय है। ऐसा प्रदर्शन रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल जैसे शीर्ष खिलाड़ियों से भी कम ही देखने को मिलता है।”
यह सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं है यह उस सपने की कहानी है, जो खेतों की मेड़ों से उठकर स्टेडियम की रोशनी तक पहुँचता है। यह उस जज़्बे की कहानी है, जो उम्र नहीं देखता, सिर्फ उड़ान देखता है। और शायद, भारतीय क्रिकेट एक बार फिर इतिहास के नए पन्ने लिखने की दहलीज़ पर खड़ा है। और शायद, हम अपनी आंखों के सामने एक और “सचिन” को आकार लेते देख रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार कहानी बिहार की मिट्टी से शुरू हो रही है